जयपुर। शासन दीपिका श्री मनोरमा श्रीजी म.सा. आदि ठाणा 4 के सान्निध्य से मालवीय नगर जयपुर में विशेष धार्मिक क्रियाएँ लगातार चल रही हैं। नए-नए आयाम निरंतर चल रहे हैं। सितम्बर माह में ‘आचार विशुद्धि महोत्सव’ के तहत बहुत से श्रावक-श्राविकाएँ व युवा वर्ग ने अनेक प्रकार के प्रत्याख्यान ग्रहण किए तथा पर्युषण से पूर्व तीन दिन का शिविर ‘‘समवशरण का ठाठ सुबह 7 से 8’’ लगाया जिसमें भगवान महावीर के समवशरण की रचना का पूरा विवरण सचित्र बताया गया। इसमें लगभग 200 व्यक्तियरों ने नियमित समय से पूर्व आकर लाभ लिया जो चिरस्मण रहेगा। इसके बाद 30 अगस्त से 1 सितम्बर तक तीन दिवसीय विशेष शिविर ‘‘लक्ष्य की ओर अभिमुख एक रहस्यमय कथा’’ का अयोजन किया गया। लगभग 250 लोगों ने लाभ लिया तथा कर्म सिद्धांत को समझा। जैन सिद्धांत बत्तीसी की क्लास सुबह 6ः50 से 7ः50 तक लगातार म.सा. ने ली जिसमें लगभग 60 लोगों ने परीक्षा दी।