श्री अ.भा.सा. जैन संघ द्वारा संचालित विभिन्न प्रवृतियों/आयामों के उतरोत्तर विकास हेतु संघ सदस्यों द्धारा प्रेषित सूचनाएं/शिकायत/समीक्षा केवल लिखित में ही मान्य होगी। मौखिक सूचना/शिकायत एवं समीक्षा की प्रति उत्तर की जवाबदेही नहीं होगी। कृपया भविष्य में मौखिक के बजाय लिखित रूप में WhatsApp 9602026899 अथवा ईमेल आईडी- helpdesk@sadhumargi.com अथवा Post से केन्द्रीय कार्यालय में भेजें। निश्चल जी कांकरिया, राष्ट्रीय महामंत्री, श्री अ.भा.सा.जैन संघ

50 थोकड़े न्यु परीक्षा

थोकड़ो में जैन दर्शन का तत्व समाया हुआ है। थोकड़े शास्त्रो की कुंजी कहलाते है क्योंकि इनका ज्ञान करने पर शास्त्रों का गहन आशय भी सरलता से समझ में आ जाता है इसलिये थोकडों को ‘गागर में सागर’ की उपमा दी गई है।
बीस सूत्रीय भक्ति आयाम के अन्तर्गत 50 थोकड़े का ज्ञान करने हेतु परीक्षा आयोजित की जा रही है।

जैन संस्कार पाठ्यक्रम

जैन संस्कार पाठ्यक्रम भाग 1 से 4 तक ऑनलाईन रिविजन एक्टिविटी आयोजित की जा रही है जिससे 18 सितम्बर 2022 की परीक्षा हेतु आपका रिविजन हो सके।

इस हेतु 29 मई 2022 को ऑनलाईन एक्टिविटी होगी

आप इस लिंक पर क्लिक shorturl.at/cpFQ5 करे ताकि आपको एक ग्रुप में जोड़ा जाएगा और आपको एक्टिविटी के पूर्व लिंक प्रेषित कर दी जायेगी।

साधुमार्गी पब्लिकेशन

संघ द्वारा जैन धर्म, दर्शन, आगम, कथा एवं प्रवचन से संबंधित साहित्य का प्रकाशन किया जाता है। अब तक 450 से अधिक साहित्य का प्रकाशन किया जा चुका है।

संघ द्वारा संचालित प्रवृत्तियां

श्री अ.भा.सा.जैन संघ के साथ महिला व युवा संघ के माध्यम से 30 से अधिक प्रवृत्तियों और आयामों पर देशभर में लोक कल्याणकारी कार्य किए जा रहे हैं। जिसमें धार्मिक, आध्यात्मिक व सामाजिक कार्य शामिल है। जैसे इदं न मम्, जीवदया, विहार सेवा, उच्च शिक्षा योजना, साहित्य व आगम साहित्य, सर्वधर्मी सहयोग, गुणशील, साधुमार्गी प्रोफेशन फॉर्म आदि प्रवृतियों व आयामों के माध्यम से जन सेवा का कार्य वृहद् स्तर पर किया जा रहा है।

समता सेवा सोसायटी

विगत तीन दशकों से समता महिला सेवा केन्द्र, रतलाम के तत्वावधान में अनेक महिलाओं को रोजगार उपलब्ध करवाकर कई प्रकार के पापडों़ तथा भिन्न-भिन्न मसालों का उत्पादन किया जाता है। उत्पाद की गुणवत्ता क्रेताओं व ग्राहकों द्वारा मान्य है। महिलाओं को स्वावलम्बी व सम्मानपूर्वक जीवन जीने की उत्प्रेरणा की जाती है।

साधुमार्गी ग्लोबल कार्ड

यह एक यूनिक कार्ड होगा, जो आधार कार्ड की तरह ही साधुमार्गी सदस्यों के लिए उपयोगी साबित होगा।

इसके माध्यम से संघ की विभिन्न जन-उपयोगी गतिविधियों-योजनाओं में उपयोग किए जाने वाले अलग-अलग डेटाबेस का केन्द्रीकरण करने का कार्य किया जा रहा है। जिसमें संघ की सभी गतिविधियां डेटा बेस द्वारा संचालित की जा सके। इस प्रकार हमारा लक्ष्य प्रत्येक सदस्य की विभिन्न जानकारियां एक आई.डी नम्बर से जुड़ जाए। सदस्यगण अपनी एम.आई.डी. नम्बर देकर विभिन्न प्रवृत्तियों के बारे में संघ सम्बधी अपनी सभी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

संघ समर्पणा महोत्सव

प्रतिवर्ष संघ की स्थापना दिवस के रूप में आयोजित होने वाला संघ समर्पणा महोत्सव इस बार ब्यावर में सम्पन्न हुआ। जिसमें संघ की विभिन्न प्रवृत्तियों, गतिविधियों की प्रभावना की गई। ब्यावर अधिवेशन-2021 में नई कार्यसमिति का गठन किया गया। सभी ने मंच पर पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की।

जैन धर्म के साधुमार्गी श्वेतांबर संप्रदाय की प्रतिनिधि संस्था है ‘श्री अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी जैन संघ।’ सन् 1962 में स्थापित इस संघ का उद्देश्य है सम्यक् ज्ञान, दर्शन और चारित्र के रास्ते राष्ट्र का उत्थान।
भगवान महावीर के अनुपम विरासत के अनुरूप अध्यात्म, शुद्ध संयम व सशक्त अनुशासन की पुनस्र्थापना के काम में लगे इस संघ के आध्यात्मिक मूल स्रोत भगवान महावीर के पाट परम्परा पर विराजमान आचार्य हैं। अभी इस पाट पर आचार्य श्री रामेश विराजमान हैं।
यह संघ देश भर में 350 से अधिक शाखाओं के माध्यम से धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में भागीदारी निभा रहा है। बिना रुके, बिना थके समाज एवं राष्ट्र के उत्थान में लगे संघ की शाखाएं अमेरिका, इंग्लैंड, नेपाल और भूटान समेत कई और देशों में भी है।
‘महिला समिति’ तथा ‘समता युवा संघ’ के रूप में अपनी दो भुजाओं की शक्ति के साथ संघ 35 से अधिक प्रकल्प संचालित कर रहा है। इनमें आध्यात्मिक, शैक्षणिक, जीव दया जैसे लोकोपकारी प्रकल्प लोगों का लगातार हित कर रहे हैं। सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन में भी संघ लगातार प्रयासरत है।

प्रवचन सार

धर्म में जीने का अभ्यास करने से निश्चित रूप से धर्म के आनंद की अनुभूति होगी। हमारे दुख, द्वंद्व, क्लेश समाप्त होंगे।
-07 मार्च, 2022

संघ साहित्य सूची

प्रवचन
का सार

विहार
जानकारी

श्रमणोपासक

समाचार

पावन वर्षावास प्रसंग 2022 (संवत 2079)

परम पूज्य “आचार्य भगवन 1008 श्री रामलाल जी म.सा.” आदि ठाणा का पावन वर्षावास प्रसंग 2022 (संवत 2079) उदयपुर में स्वीकृत हुआ है! आचार्य श्री के नेश्रायरत चरित्र आत्माओं के स्वीकृत चातुर्मास की सूचि निम्न लिंक पर उपलब्ध है!
लिंक : https://tinyurl.com/bdhxtcpb
विशेष यह है कि आपके क्षेत्र में घोषित चातुर्मास से सम्बंधित विभिन्न जानकारी निम्न फॉर्म द्वारा ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन भरकर केंद्रीय कार्यालय सहायता नंबर 8955682153 पर दिनांक 30 मई 2022 तक अवश्य भिजवाने की कृपा करावें!
ऑनलाइन विवरण लिंक : https://forms.gle/sRUVhp1zYfoiRqBJA
ऑफलाइन विवरण फॉर्म : https://tinyurl.com/vzjrcxxy

रायपुर में बालिका विद्यालय में संस्कार गोष्ठी संपन्न

राम गुरू का है संदेश व्यसन मुक्त हो सारा देश कार्यक्रम। रायपुर जिला भीलवाड़ा राज में बालिका विद्यालय में संस्कार गोष्ठी संपन्न |

गाडरीखेडा स्कूल में संस्कार गोष्ठी

राम गुरू का है संदेश व्यसन मुक्त हो सारा देश कार्यक्रम गाडरीखेडा स्कूल जिला भीलवाड़ा में संस्कार गोष्ठी

“अक्षय तृतीया पारणा महोत्सव”

“अक्षय तृतीया पारणा महोत्सव, जयनगर” में  संपन्न हुआ |

जैन भागवती दीक्षा महोत्सव

युग निर्माता, आगमज्ञाता परम पूज्य आचार्य भगवन् 1008 श्री रामलालजी म.सा. के चरणों में श्री किशोर कुमार जी ललिता देवी जी नाहर धमतरी गातापार बोरझरा, छत्तीसगढ़ ने अपनी सुपुत्री मुमुक्षु सिध्दी नाहर का आज्ञा पत्र प्रेषित किया | आचार्य भगवन् ने अपने मुखारविन्द से आज जयनगर 26.4.2022 को मुमुक्षु सिध्दी नाहर की जैन भागवती दीक्षा 3 अगस्त 2022 को उदयपुर के लिए घोषित की|

जैन भागवती दीक्षा महोत्सव

युग निर्माता, आगमज्ञाता परम पूज्य *आचार्य भगवन् 1008 श्री रामलालजी म.सा. के मुखारविन्द स 6 जुलाई’22 को उदयपुर में मुमुक्षु सुश्री अनमोल जैन सुपुत्री श्री सुरेश जी कांता जी जैन टिटलागढ, उड़ीसा की जैन भागवती दीक्षा घोषित |

वीर से महावीर तक- एक यात्रा (2)

वीर से महावीर तक- एक यात्रा (2)
Exam Link: https://survey.zohopublic.in/zs/pXDwWL
Login Date : Today (आज)
Time : 08.30 PM to 09.00 PM
आपका नाम, मोबाइल नम्बर, पिन कोड, शहर, अंचल आदि जानकारी आपको exam login करने पर अनिवार्य रुप से डालनी है।
आप सबको परीक्षा हेतू अग्रिम शुभकामनाएँ।।🌟🙏
टीम वुमेंस मोटीवेशनल फोरम

50 थोकड़े न्यु (क्लोज बुक परीक्षा परिणाम)

आचार विशुद्धि के अन्तर्गत दिनांक 13 मार्च 2022 को आयोजित 50 थोकड़े परीक्षा में पूरे राष्ट्र से आप सभी प्रतिभागियों ने बहुत ही उत्साह पूर्वक भाग लिया।
आप सभी के पुरूषार्थ का नमन इस परीक्षा का परिणाम आज घोषित किया जा रहा हैं। आगामी परीक्षा दिनांक -क्लोज बुक 26 से 50 थोकड़े की परीक्षा 05 जून 2022
टीम- 50 थोकड़े

जैन भागवती दीक्षा महोत्सव

युग निर्माता, आगमज्ञाता परम पूज्य *आचार्य भगवन् 1008 श्री रामलालजी म.सा. के मुखारविन्द से बिजयनगर में मुमुक्षु यशस्वी ढेलडिया सुपुत्री श्री मांगीलाल जी अनिता जी ढेलडिया खैरागढ की जैन भागवती दीक्षा 3 अगस्त 2022 को उदयपुर में घोषित |

व्यसन मुक्ति संस्कार जागरण कार्यक्रम

विजयनगर प्राज्ञ पब्लिक स्कूल में व्यसन मुक्ति संस्कार जागरण कार्यक्रम कासफल आयोजन हुआ |

विहार जानकारी

19-05-2022

आदि ठाणा- 8 रात्रिविश्राम हेतु
विराजित @स्थान- समता भवन ,गंगापुर,
जिला-भीलवाड़ा (राज.)

धन की तरफ लगा व्यक्ति मान-सम्मान की लालसा रखता है किन्तु धर्म की तरफ लगा व्यक्ति इनकी परवाह नहीं करता है|

– आचार्य श्री रामेश

भटके हुए को मार्ग पर लाया जा सकता है, रास्ता दिखाया जा सकता है, किन्तु जो जान-बूझ कर भटकता रहे उसे मार्ग दिखाना व्यर्थ है|

– आचार्य श्री रामेश

सुख स्वयं की संतुष्टि में है। देखो, तुम स्वयं से कितने संतुष्ट हो |

– आचार्य श्री रामेश

जब लोग दुःख से भागने की कोशिश करते हैं तब दुःख उनका पीछा करता है, लेकिन जो दुःख का सामना करने को तैयार हो जाता है तो दुःख दुबक जाता है

– आचार्य श्री रामेश

सत्ता प्राप्ति के बाद अपनी सात्विकता को गुम नहीं होने देना चाहिए

– आचार्य श्री रामेश

एक छोटा सा दिखने वाला त्याग भी जीवन में बड़ा चमत्कारिक हो सकता है

– आचार्य श्री रामेश

दुनिया के सुधरने का इन्तजार वह करता है, जो अपना सुधार नहीं कर पाता

– आचार्य श्री रामेश

साधक को थकना नहीं चाहिए

– आचार्य श्री रामेश

जहां देह अपनी नहीं-वहां न अपना कोय। यही सोच व्यक्ति को सामान्य से विशेष बनाती है |

– आचार्य श्री रामेश

धर्म जीवन की समर भूमि है। वीर ही इस पर आगे बढ़ सकते हैं |

– आचार्य श्री रामेश

अनुकूल-प्रतिकूल परिस्थितियाँ हमें बल देने वाली होती है।

– आचार्य श्री रामेश

जीना हमें है कैसे जिएं, यह निर्णय भी हमें ही करना है

– आचार्य श्री रामेश

भावना जब प्रबलता का रूप लेती है तो वह स्वतः रास्ता भी खोज लेती है

– आचार्य श्री रामेश

अपने मन को व्यक्ति स्वयं जान सकता है, उतना अन्य कौन जान पाएगा

– आचार्य श्री रामेश

मन की गति सदा एक ही नहीं रहती है। वह बलदती रहती है

– आचार्य श्री रामेश

मन को साधना कठिन अवश्य है पर असंभव नहीं

– आचार्य श्री रामेश

गृह त्यागी होना ही अणगारत्व नहीं है। अणगार के लिए संयोगों का त्याग होना जरूरी है

– आचार्य श्री रामेश

जब लोग दुःख से भागने की कोशिश करते हैं तब दुःख उनका पीछा करता है, लेकिन जो दुःख का सामना करने को तैयार हो जाता हैं तो दुःख दुबक जाता है

– आचार्य श्री रामेश

धर्म को यदि जीया जाता है तो कोई कारण नहीं कि उससे जीवन में बदलाव न आए

– आचार्य श्री रामेश

सच्चे दिल से जैनत्व को स्वीकार किया होता अथवा हमारे अन्तर में जैनत्व प्रकट हुआ होता तो निश्चित रूप से हम संसार से पार हो जाते |

– आचार्य श्री रामेश

अहं संसार में अटकाएगा। वह भव से पार नहीं होने देगा

– आचार्य श्री रामेश

कपट क्रिया बिना दांव-पेच के सफल नहीं हो पाती। दांव पेच कई बार दूसरों को फांसने में कामयाब हो जाते हैं, किन्तु अन्तवोगत्वा दांव-पेच करने वाला स्वयं उसमें फस जाया करता है

– आचार्य श्री रामेश

धर्म की पहचान हो जाने पर वह सहसा किसी को नहीं ठग सकता

– आचार्य श्री रामेश

धन की तरफ लगा व्यक्ति मान सम्मान की लालसा रखता है किन्तु धर्म की तरफ लगा व्यक्ति इनकी परवाह नहीं करता है

– आचार्य श्री रामेश

श्री गौतम जी जैन

अध्यक्ष , श्री अ.भा.सा. जैन संघ

श्री निश्चल जी कांकरिया

महामंत्री , श्री अ.भा.सा. जैन संघ

श्री मनोज जी डागा

कोषाध्यक्ष , श्री अ.भा.सा. जैन संघ

श्री प्रतीक जी सूर्या

सह कोषाध्यक्ष , श्री अ.भा.सा. जैन संघ